बुधवार, 16 मई 2012

गढ़वळि भासाकि बनि-बन्या बोलि


1 टिप्पणी:

  1. भोत भलु कैरी साकेत यूं उपभाषाओं को एक नक्सा तैय्यार कैरिकी ! मै कब बीटी इन क्वी नक्सा छौ खोजाणु ......जुगराज रै !
    जै भारत ! जै उत्तराखंड !!

    जवाब देंहटाएं