मंगलवार, 15 मई 2012

बोलणवळा अर सामान्य साहित्य


एथ्नोलोगका अनुसार सन 2000 मा गढ़वळि बोलणवळा लोखू संख्या 2920000 छै। गढ़वळि भासा देवनागरी लिपिमा लिख्ये जाँदि। गढ़वळिमा कई किताबि छपीं छन। पौड़ीबटि गढ़वळिमा यक समाचार-पत्र छपेंदु जैकु नौं "उत्तराखंड खबरसार" च। यक हौर पत्र ड्येरादूणबटि छपेंदु जैकु नौं "रंत-रैबार" च। कई पत्र-पत्रिकौंमा [जन "युगवाणी", "जनपक्ष आजकल", "उत्तराखंड वाणी", उत्तराँचल पत्रिका"] गढ़वळि कविता, गीत, कथा आदि छपेंदा छन।

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