एथ्नोलोगका अनुसार
सन 2000 मा गढ़वळि बोलणवळा लोखू
संख्या 2920000 छै। गढ़वळि भासा
देवनागरी लिपिमा लिख्ये जाँदि। गढ़वळिमा कई किताबि छपीं छन। पौड़ीबटि गढ़वळिमा यक
समाचार-पत्र छपेंदु जैकु नौं "उत्तराखंड खबरसार" च। यक हौर पत्र
ड्येरादूणबटि छपेंदु जैकु
नौं "रंत-रैबार" च। कई पत्र-पत्रिकौंमा [जन "युगवाणी",
"जनपक्ष आजकल",
"उत्तराखंड वाणी", उत्तराँचल पत्रिका"] गढ़वळि कविता,
गीत, कथा आदि छपेंदा छन।
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